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ख़ुशी की प्रेरणा कोई बच्चा ही होगा! कविता


समझदार हसेंगे तभी कि 

पहले कुछ अच्छा ही होगा,

फूटकर निकली ख़ुशी की प्रेरणा 

तो कोई बच्चा ही होगा।


कोई जरूरत से ज्यादा मिठाई बांट दे,

तो सावधान यहां कुछ गच्चा ही होगा।

कड़वाहट भरा तन- मन जिसका भी,

वो फल अभी भी कच्चा ही होगा!


तीखी बातें करे और चलता बने जो,

तो जान लेना वो कोई सच्चा ही होगा,

बिना एहसान मदद कर दे जो किसी की,

वो आदमी कोई अच्छा ही होगा।


नाचकर उभर आए, झूमता गिर पड़े जो

वो वैरागी या फ़िर पीपल का पत्ता ही होगा।

होश में चल रहा जो कछुए की चाल से,

वो आदमी संकल्प का पक्का ही होगा।

~ #ShubhankarThinks

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