एक समय आता है सबके जीवन में जब आपको दिखेगा अपने अंदर का खालीपन, जब आपको दिखेगी सारे संसार की निरर्थकता, यह कोई शाब्दिक घटना नहीं है, अगर आप जोड़ रहे हैं इसे खुद से तो यह भूल होगी आपकी, यह घटना अचानक घटेगी, जब आप किसी क्षण पूरे खाली होंगे। आपको दिखेगा अपना खालीपन अंदर का और बाहर का सारा बोझ बिल्कुल अलग अलग, आप देख पाओगे बाहर का सारा नाटक, उस घड़ी तुम भी ना रहोगे तब केवल खालीपन हावी होगा। बहुत बार लगेगा आपको की कुछ कमी है, कुछ चीज अधूरी है, आप भाग भाग खोज लाते हो उसे भरने के तरीके, वो तरीके बड़े सुगम हैं, सब यही करते हैं आपके खोखलेपन के अलावा हर एक दूसरी चीज है वो भराव, जो आपको हर बार सुगमता देगी इस खोखलेपन से आँखें मूंद लेने की। आपको हर बार लगेगा जैसे सब भरा पूरा हो गया कोई कमी है ही नहीं, हर बार किसी क्षण ये खोखलापन उतरेगा और आप फिर कोई उपाय खोज लोगे इससे बचने का। धीरे धीरे आप ज्यादा और ज्यादा बेहोश होते जाओगे, आप फंस जाओगे पूरे के पूरे इस संसार के भंवर में, यही है माया , आसान है उसमें फँस जाना, कठिन है जागकर खालीपन को देखना। क्योंकि सब खो देना पड़ता है इसे देखने के लिए। कुछ तरक...