आशियाना किसको नहीं भाता ?सबको भाता है , तुम्हें नए नए आशियाने भाते हैं , और मुझे अच्छे लगते हैं पुराने मकान! तुम हर्षोल्लास के साथ नये नये स्थानों पर रहो, मेरा क्या?मैं ठहरा हठी ! मुझे तुम उसी पुराने मकान में रहने दो ! वो अठखेलियाँ,वार्तालाप सब भूतकाल की बातें हैं , अब उन सब बातों को सिर्फ बातें ही रहने दो | हिंदी चलचित्र पटकथा के समान तुम्हारे इस प्रेम प्रसंग में, प्रेमी नायक का किरदार मैं नहीं निभा सकता ! हाँ! वो बात अलग है कि नायिका के लिए उपयुक्त पात्र तो तुम भी नहीं थीं! मगर ये सब बातें हैं इन्हें बातों में रहने दो| विशिष्ट सुरक्षा घेरे में घिरे तुम्हारे क़ैद मन मस्तिष्क का, भला कैसे में गहन अध्ययन कर पाता ? तुम्हें तो लगता है , जैसे मेरे पास कोई दिव्य शक्ति है विचारों को पढ़ने की ! अगर शक्ति होती तो मैं साधारण मनुज कहाँ कहलाता ? खैर ये सब बातें हैं अब इन्हें बातें ही रहने दो | तुम हो कोई प्रख्यात सुकुमारी जैसी, तुम रहो आरामदायक , वातगामी अपने नये नये घरों में ! मैं हूँ युद्ध में सब कुछ हार चुके राजा के जैसा , मुझे पीड़ानाशक वनवास में सिर झुकाकर अकेले रहने दो ! स्वप्नों की...