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हालात एक जैसे कभी ना रहे


 ख़्वाब हो सकते हैं कितने भी हसीन,

ऐसा कभी होता नहीं है कि सब सही रहे। 

दो चीजें अलग हैं तो वो अलग ही रहेंगी,

हो भी कैसे सकता है कि तनातनी ना रहे।

सब जद्दोजहद में कि खुशियां हो मेरे हिस्से,

ग़म का साया मेरे इर्दगिर्द कहीं ना रहे।

कभी रौनक हुई तो कभी लंबे सन्नाटे

मगर हालात एक जैसे तो कभी ना रहे।

सांस छोड़ने से मौत और सांस आए तो जिंदगी,

ध्यान से देख लें अगर तो ये डर कभी ना रहे।

कुदरत ने बनाए हैं दुनिया में अंधेरे उजाले,

ताकि मनोरंजन में कभी कोई कमी ना रहे।

~ #ShubhankarThinks

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